
मैंने उसको बताते हुए कहा की, दुनिया में सैकड़ों लोग आदर्श पुरुष के उदाहरण है। जिनका इतिहास रचा जा चूका है। उन लोगो ने अपने जीवन के साथ अलग - अलग तरह के प्रयोग करके समाज को जीने का रास्ता बताया है। आज उनका अनुसरण करोड़ों लोग करते हैं और लोग कोशिश करते है की उनके बताये रास्तों पर चल सके। उस दिशा में सबका प्रयास जारी है परन्तु सफल सिर्फ गिनती के लोग ही होते हैं। क्योकि आदर्श जीवन जीने के लिए आपको नैतिकता और अनुसाशन के सभी रास्तों का पालन करना पड़ता है। सदैव धर्म और सच के रास्तों पर चलना पड़ता है। अपनी वाणी पर, अपने शब्दों पर ध्यान रखना पड़ता। ताकि किसी के दिल को आपके कहे शब्दों से ठेस न पहुंचे। सभी रिश्ते-नातों को निभाते हुए बेदाग़ जीवन की यात्रा करनी पड़ती है। करुणामई और उदारभाव से जीवन व्यतीत करना पड़ता है। आदर्श पुरुष के बारे में सैकड़ों बातें हैं, जिनको बताते हुए ये जीवन निकल जायेगा। जब आप ठान लेते है खुद को बदले के लिए तो कुछ भी हो सकता है। सिर्फ किसी एक गुण को अपने जीवन में धारण कर लो बाकी गुण आपके अंदर स्वयं आ जायेगें।
अशोक कुमार
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